शिक्षा भ्रमण
केन्द्रीय विद्यालय में पीएमश्री योजना के अंतर्गत शैक्षिक भ्रमण:
पीएमश्री (प्रधान मंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया ) योजना के अंतर्गत चयनित केन्द्रीय विद्यालयों में छात्रों के समग्र विकास के लिए कई गतिविधियाँ शामिल की गई हैं। इनमें से शैक्षिक भ्रमण एक महत्वपूर्ण गतिविधि है।
1. शैक्षिक भ्रमण का उद्देश्य
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छात्रों को कक्षा से बाहर व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना।
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राष्ट्रीय धरोहर, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, संस्कृति, कृषि, उद्योग और पर्यावरण से परिचय कराना।
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विद्यार्थियों में देशभक्ति, सामाजिक जिम्मेदारी और अनुसंधान की प्रवृत्ति को बढ़ावा देना।
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नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति ( नई शिक्षा पद्यति -2020) के तहत अनुभवात्मक अधिगम को प्रोत्साहित करना।
2. शैक्षिक भ्रमण की प्रमुख विशेषताएँ
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गंतव्य का चयन:
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ऐतिहासिक स्थल, वैज्ञानिक संस्थान (इसरो, डीआरडीओ, आईआईटी आदि), संग्रहालय, उद्योग, राष्ट्रीय उद्यान या स्मारक।
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स्थानीय या अंतर-राज्यीय भ्रमण, विद्यालय की मंजूरी और उपलब्ध बजट के अनुसार।
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योजना और अनुमोदन:
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भ्रमण की योजना विद्यालय प्राचार्य, शिक्षक और अभिभावकों की सहमति से बनाई जाती है।
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PMSHRI योजना के तहत विशेष अनुदान से व्यय का प्रावधान हो सकता है।
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छात्र सहभागिता:
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सामान्यतः कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थी भाग लेते हैं।
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गतिविधियों में प्रोजेक्ट वर्क, रिपोर्ट लेखन, फोटोग्राफी, प्रस्तुति आदि शामिल।
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सुरक्षा प्रबंध:
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पर्याप्त शिक्षक/सहायक स्टाफ का साथ रहना।
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चिकित्सा सहायता, बीमा और परिवहन सुरक्षा सुनिश्चित करना।
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अधिगम परिणाम :
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विद्यार्थियों द्वारा भ्रमण पर रिपोर्ट, पोस्टर, प्रस्तुति बनाना।
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विषयों के साथ एकीकरण — जैसे विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, कला एवं भाषा।
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3. पीएमश्री योजना के तहत विशेष लाभ
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पीएमश्री विद्यालयों को अतिरिक्त अनुदान और संसाधन मिलते हैं जिससे अधिक गुणवत्तापूर्ण भ्रमण और परियोजनाएँ की जा सकती हैं।
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भ्रमण को पाठ्यक्रम आधारित परियोजनाओं से जोड़ा जाता है।
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यह विद्यालयों को मॉडल स्कूल बनाने की दिशा में एक कदम है, जिससे अनुभवात्मक और अनुसंधान आधारित शिक्षा को बढ़ावा मिलता है।