- रायपुर क्षेत्र के सभी शिक्षकों के लिए 21.09.2024 से 30.09.2024 तक “शिक्षा में प्रौद्योगिकी का लाभ उठाना” विषय पर एक कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशालाएँ एवं प्रशिक्षण
शिक्षा में प्रौद्योगिकी के लाभ उठाने पर कार्यशाला
प्रधानाचार्यों की कार्यशाला
- दिनांक 01.06.2024 को रूपान्तर पर प्रधानाचार्यों की कार्यशाला आयोजित की गई।
सत्र 2025-26 के लिए सीपीडी-कार्यशाला
- सत्र 2025-26 के लिए सभी शिक्षकों और प्रधानाचार्यों की सीपीडी कार्यशाला आयोजित की गई।
के.वी.एस. (KVS) में शिक्षकों का सतत व्यावसायिक विकास (Continuous Professional Development – CPD) प्रशिक्षण
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों के व्यावसायिक ज्ञान, शैक्षणिक कौशल और व्यक्तिगत दक्षता को बढ़ाने के लिए आयोजित किए जाते हैं ताकि वे बदलती शैक्षिक आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को अद्यतन रख सकें। केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) नियमित रूप से CPD कार्यक्रम आयोजित करता है जिससे शिक्षक नई शिक्षण-पद्धतियों, तकनीकों और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप सुधारों को बेहतर ढंग से लागू कर सकें।
1. केवीएस में CPD के उद्देश्य
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ज्ञान और कौशल का उन्नयन ताकि शिक्षक आधुनिक शिक्षण आवश्यकताओं को पूरा कर सकें।
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NEP 2020 सुधारों का प्रभावी क्रियान्वयन (कौशल-आधारित शिक्षा, अनुभवात्मक अधिगम आदि)।
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कक्षा में ICT का समावेश (डिजिटल बोर्ड, AI, कोडिंग आदि)।
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21वीं सदी के कौशलों का विकास जैसे आलोचनात्मक सोच, रचनात्मकता, सहयोग और संप्रेषण।
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नेतृत्व, संवाद और भावनात्मक दक्षता जैसे व्यक्तिगत गुणों में वृद्धि।
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छात्रों के अधिगम परिणामों में सुधार हेतु बेहतर अध्यापन एवं मूल्यांकन तकनीक।
2. KVS CPD कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएँ
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संरचित प्रशिक्षण मॉड्यूल: KVS मुख्यालय द्वारा NCERT, CBSE, NVS तथा अन्य राष्ट्रीय संस्थानों के सहयोग से तैयार।
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ब्लेंडेड लर्निंग पद्धति: प्रत्यक्ष कार्यशालाएँ, ऑनलाइन प्रशिक्षण (DIKSHA प्लेटफॉर्म) और स्व-अध्ययन मॉड्यूल का संयोजन।
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कौशल-आधारित दृष्टिकोण: केवल सिद्धांत नहीं, बल्कि कक्षा में प्रयोग पर जोर।
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विषय-विशिष्ट और शैक्षणिक प्रशिक्षण: PGT, TGT, PRT एवं विशेष शिक्षकों के लिए अलग मॉड्यूल।
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मूल्यांकन और फीडबैक: प्रशिक्षण के बाद शिक्षकों का मूल्यांकन असाइनमेंट या प्रोजेक्ट द्वारा।
3. केवीएस में प्रयुक्त प्रशिक्षण प्लेटफॉर्म
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DIKSHA पोर्टल: ऑनलाइन कोर्स और डिजिटल सामग्री द्वारा स्व-अध्ययन।
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NISHTHA मॉड्यूल: NEP 2020 के अनुरूप बड़े पैमाने पर क्षमता निर्माण कार्यक्रम।
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KVS के क्षेत्रीय/ज़ोनल संस्थान: प्रत्यक्ष कार्यशालाएँ एवं प्रायोगिक सत्र।
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वेबिनार एवं वर्चुअल कक्षाएँ: शैक्षिक योजनाओं के शीघ्र प्रसार हेतु।
4. हाल के प्रमुख प्रशिक्षण क्षेत्र (2024–25)
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कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रोबोटिक्स और कोडिंग का एकीकरण।
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कौशल-आधारित प्रश्नपत्र निर्माण एवं मूल्यांकन।
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समावेशी शिक्षा एवं विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों का सहयोग।
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अनुभवात्मक अधिगम, प्रोजेक्ट-आधारित और गतिविधि-आधारित शिक्षण।
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शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए डिजिटल साक्षरता एवं साइबर सुरक्षा।
5. KVS शिक्षकों पर CPD का प्रभाव
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पाठ योजनाओं और छात्र सहभागिता में सुधार।
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कक्षा में प्रौद्योगिकी के प्रयोग में आत्मविश्वास की वृद्धि।
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कौशल-आधारित मूल्यांकन की बेहतर समझ।
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डिजिटल संसाधनों से युक्त समृद्ध कक्षाओं का निर्माण।
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शिक्षक नेतृत्व और मेंटरिंग क्षमता का विकास।
6. केवीएस में वार्षिक CPD चक्र का उदाहरण
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प्रशिक्षण आवश्यकताओं की पहचान (फीडबैक, निरीक्षण और प्रदर्शन आंकड़ों द्वारा)।
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वार्षिक प्रशिक्षण कैलेंडर का निर्माण (KVS मुख्यालय एवं क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा)।
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प्रशिक्षण का आयोजन (ऑनलाइन/ऑफ़लाइन, प्रति बैच 3 से 10 दिन)।
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प्रशिक्षण के बाद मूल्यांकन (क्विज़, असाइनमेंट या डेमो लेसन)।
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निरंतर मार्गदर्शन और फॉलो-अप जिससे सीखी गई बातों का कक्षा में प्रयोग सुनिश्चित हो।
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